इस पूरे ड्रामे के केंद्र में मौजूद हिरेन चट्टोपाध्याय ने फिलहाल मौन धारण कर रखा है
कोलकाता। भाजपा विधायक और बांग्ला फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता हिरेन चट्टोपाध्याय की निजी जिंदगी में मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी कथित दूसरी पत्नी ऋतिका गिरी के खुलासे के बाद अब एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने इस पूरे विवाद को बेहद असहज मोड़ दे दिया है। साल 2021 की एक तस्वीर में ऋतिका, हिरेन को भाई मानकर भाईफोंटा (भाई दूज) की रस्म निभाती दिख रही हैं। इस तस्वीर के सामने आते ही हिरेन की पहली पत्नी अनिंदिता चट्टोपाध्याय ने नैतिकता और दावों की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अनिंदिता चट्टोपाध्याय ने इस तस्वीर को सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि यह नवंबर 2021 की है, जब ऋतिका हिरेन के खडग़पुर स्थित आवास पर आई थीं।
अनिंदिता ने तंज कसते हुए पूछा कि अगर 2021 में ऋतिका ने हिरेन को भाई मानकर तिलक लगाया था, तो फिर 5 साल से प्रेम संबंध होने का दावा कैसे सही हो सकता है? उन्होंने इस घटनाक्रम को सामाजिक और नैतिक रूप से शर्मनाक करार दिया है। अनिंदिता के अनुसार, हिरेन के साथ उनका रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। उन्होंने बताया कि साल 2024 में दोनों साथ में विदेश यात्रा पर गए थे। यात्रा के दौरान जब ऋतिका का नाम सामने आया, तो हिरेन ने अनिंदिता से कहा था कि वह लड़की उन्हें धमका रही है।
अनिंदिता ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से उन पर और उनकी बेटी पर गंभीर मानसिक अत्याचार किया गया है, जिसके बावजूद उन्होंने परिवार की मर्यादा के लिए चुप्पी साधे रखी थी। विवाद तब शुरू हुआ जब बुधवार रात ऋतिका गिरी ने सोशल मीडिया पर शादी का दावा करते हुए हिरेन के साथ तस्वीरें साझा की थीं। हालांकि, इस पोस्ट ने जितनी तेजी से सुर्खियां बटोरीं, उतनी ही तेजी से इसे हटा भी लिया गया।
ऋतिका के दावों और अब सामने आई भाईफोंटा वाली तस्वीर ने हिरेन की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है। इस पूरे ड्रामे के केंद्र में मौजूद हिरेन चट्टोपाध्याय ने फिलहाल मौन धारण कर रखा है। न तो वह मीडिया के सामने आ रहे हैं और न ही किसी भी पक्ष के आरोपों पर सफाई दे रहे हैं। खडग़पुर से विधायक हिरेन की यह चुप्पी राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि विपक्षी दल इस व्यक्तिगत विवाद को मुद्दा बनाने की ताक में हैं। रिश्तों का यह त्रिकोण अब केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि इसमें नैतिकता, कानून और राजनीतिक साख का सवाल भी जुड़ गया है। अब देखना यह होगा कि हिरेन अपनी चुप्पी कब तोड़ते हैं।